Wednesday, February 13, 2008

हाईटेक प्यार का मौसम

मौसम प्यार का हुआ हाईटेक
प्रेम की भाषा अब मेल, मैसेजिंग-चैटिंग
अब मेघ ना लाए संदेश
एस एम एस ने ओढा पत्र का वेष
जज़्बात नही अब बस जिस्म बोलते
जिस्म क्या, दिल भी अब रोज बदलते
वो दिन थे, जब प्रेमिका दे काढे रुमाल
जिसमें भरा था प्यार का अलग खुमार
कूल हैं, हम फिर भी फूल है
चूँकि, आत्मीयता ,आवेग और प्रतिबद्धता की बत्ती गुल है ।

No comments: